जोमैटो के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल जब तक खानेपीने से जुड़ा कारोबार कर रहे थे, तब तक सब सही था. लेकिन, जैसे ही उन्होंने डिवाइस और वियरेबल के क्षेत्र में कदम रखा, सब गड़बड़ हो गया. गोयल की कंपनी इटरनल ने टेम्पल नाम से एक वियरेबल डिवाइस बनाया है. उनका दावा है कि यह डिवाइस सेरिब्रल ब्लड फ्लो की निगरानी करेगा और रियल टाइम में मानसिक स्थिति के साथ-साथ हेल्थ में आने वाले बदलावों की भी जानकारी देता है. इस डिवाइस को कनपटी यानी टेम्पल वाली जगह पर चिपकाया जाता है और यह सीधे आपके दिमाग में रक्त के प्रवाह से जुड़ जाती है. इस डिवाइस को डॉक्टरों ने सेहत के लिए खतरा बताया तो दीपिंदर गोयल ने अपनी सफाई में 7 सबूत पेश किए.
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रिय भारतीय डॉक्टरों, मैंने ‘X’ (ट्विटर) पर ‘टेम्पल’ (Temple) के खिलाफ आपका गुस्सा देखा. इस बारे में कुछ बातें रखना चाहता हूं. उन्होंने भारतीय डॉक्टरों की तरफ से इस डिवाइस को लेकर की जा रही आलोचना का खंडन किया और कहा कि मेरा उद्देश्य ग्राहकों के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी करना नहीं, बल्कि उनकी सेहत की रियल टाइम में जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करना है. इस डिवाइस को बनाने से पहले काफी रिसर्च हुई है और इसका कोई जोखिम सामने नहीं आया है. उन्होंने 6 तथ्यों से अपनी बात रखी और टेम्पल डिवाइस का समर्थन किया.
प्रोडक्ट में खामी होती तो नहीं चलता बिजनेस
गोयल ने डॉक्टरों की आलोचनाओं का जवाब देते हुए लिखा कि सबसे पहले बिजनेस की बात करते हैं. अगर ‘टेम्पल’ कोई घोटाला होता, या हमारी कही गई बातें सच न होतीं, तो लोग इसे इस्तेमाल करने के कुछ ही दिनों में समझ जाते. हमारे पास 14 दिन की ‘बिना किसी सवाल के’ रिटर्न पॉलिसी है (जो भारत में एप्पल भी नहीं देता). अगर प्रोडक्ट काम नहीं करता, तो वह शुरुआत में ही फेल हो जाता और कंपनी अपने R&D (रिसर्च और डेवलपमेंट) खर्च का 10वां हिस्सा भी वसूल नहीं कर पाती. इस लिहाज से यह प्रोडक्ट पूरी तरह खरा उतरता है.
